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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुलिस व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के व्यापक विषयों पर करेंगे चर्चा

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुलिस व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के व्यापक विषयों पर विचार-विमर्श होगा, नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के लिए रोड मैप पर चर्चा की जाएगी,सम्मेलन में पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा से संबद्ध भविष्य के विषयों पर चर्चा होगी, प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 6 से 7 जनवरी, 2024 को जयपुर के राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन 2023 में भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइबर अपराध, पुलिस व्यवस्था में प्रौद्योगिकी, आतंकवाद विरोधी चुनौतियां, वामपंथी उग्रवाद, जेल सुधार और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर करेंगे चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 से 7 जनवरी, 2024 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सम्मेलन में साइबर अपराध, पुलिस व्यवस्था में प्रौद्योगिकी, आतंकवाद विरोधी चुनौतियां, वामपंथी उग्रवाद, जेल सुधार और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर विस्‍तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का एक अन्य प्रमुख एजेंडा नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के लिए रोड मैप पर विचार-विमर्श है। इसके अतिरिक्‍त, पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा में भविष्य के विषयों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक जैसी नई प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों पर भी चर्चा होगी। सम्मेलन ठोस कार्य बिंदुओं की पहचान करने और उनकी प्रगति की निगरानी करने का अवसर भी प्रदान करता है, जिसे प्रत्‍येक वर्ष प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।

यह सम्मेलन पहचान किए गए विषयों पर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुलिस और खुफिया अधिकारियों के व्यापक विचार-विमर्श का निष्‍कर्ष है। प्रत्येक विषय के अंतर्गत राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की सर्वोत्तम प्रथाओं को सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा ताकि राज्य एक-दूसरे से सीख सकें।

वर्ष 2014 के पश्‍चात प्रधानमंत्री ने पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में गहरी रुचि ली

वर्ष 2014 के पश्‍चात प्रधानमंत्री ने पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में गहरी रुचि ली है। पहले प्रधानमंत्रियों की प्रतीकात्मक उपस्थिति के विपरीत, श्री नरेन्‍द्र मोदी सम्मेलन के सभी प्रमुख सत्रों में उपस्थित रहते हैं। प्रधानमंत्री न केवल सभी जानकारियों को धैर्यपूर्वक सुनते हैं, बल्कि स्वतंत्र और अनौपचारिक चर्चा को भी प्रोत्साहित करते हैं ताकि नए विचार सामने आ सकें। इस वर्ष के सम्मेलन में नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन पर अनौपचारिक विषयगत चर्चा की भी योजना बनाई गई है। इससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को देश को प्रभावित करने वाले प्रमुख पुलिस व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर अपने विचार और सिफारिशें प्रधानमंत्री के साथ साझा करने का अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही यह बात

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 से संपूर्ण देश में वार्षिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सम्मेलनों के आयोजन को भी प्रोत्साहित किया है। यह सम्मेलन 2014 में गुवाहाटी, 2015 में कच्छ के रण-धोरडो, 2016 हैदराबाद में राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, 2017 में टेकनपुर बीएसएफ अकादमी, 2018 में केवड़िया, 2019 में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान पुणे, 2021 में लखनऊ पुलिस मुख्यालय और 2023 में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, पूसा में आयोजित किया गया। इस परंपरा को जारी रखते हुए सम्मेलन इस वर्ष जयपुर में आयोजित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 और 7 जनवरी को होने वाले पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के सम्मेलन के लिए एक महत्वपूर्ण आह्वान किया है। इस सम्मेलन में, साइबर अपराध, पुलिस व्यवस्था में प्रौद्योगिकी का प्रयोग, आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद जैसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, जेल सुधार और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।

यह सम्मेलन पुलिस विभाग के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें विभाग की चुनौतियों और सुरक्षा मुद्दों पर गहराई से विचार किया जाएगा। विभिन्न राज्यों से आए गए पुलिस अधिकारियों को एक साथ आकर योजनाएं बनाने और साझा करने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री ने सुनिश्चित किया है कि पुलिस विभाग संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए सक्षम हो और जनता की सुरक्षा में भूमिका निभा सके।

इस सम्मेलन से साफ है कि सरकार ने पुलिस विभाग के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा में सुधार करने के लिए गंभीर उम्मीदें जताई हैं।

सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री के अलाव अन्य अदिकारी भी होंगे शामिल

सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, कैबिनेट सचिव, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों सहित अन्य गणमान्‍य लोग भाग लेंगे।

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